नई दिल्ली-अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार पार्टी का आयोजन किया.ट्रम्प ने मुस्लिम समुदाय को रमजान की बधाई दी,उन्होंने देश के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए मुस्लिम समुदाय से मदद मांगी.गौरतलब है कि पिछले साल ट्रंप ने इफ्तार की दावत देने से मना कर दिया था.लेकिन इस बार उनके इफ्तार आयोजन के फैसले से कई लोग हैरान हैं.

अमेरिका में वर्ष 1990 में बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी की शुरुआत हुई थी.लेकिन अमेरिका के मौजदा राष्ट्रपति ने पिछले साल इफ्तार के आयोजन से इंकार कर दिया था.इस इफ्तार पार्टी में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर के मुस्लिमों को रमजान की मुबारकबाद दी. साथ ही उन्होंने इफ्तार पार्टी के दौरान राजनयिकों और अधिकारियों से कहा-“एक साथ काम करके ही हम सभी के लिए सुरक्षित और सम्पन्न भविष्य हासिल कर सकते हैं. इसी वजह से मुझे राष्ट्रपति के तौर पर पहली विदेश यात्रा के रूप में मुस्लिम देश जाकर गर्व महसूस हुआ,जहां मैंने मुस्लिम बहुल देशों के 50 से अधिक नेताओं को संबोधित किया.”

लेकिन इफ्तार पार्टी में ट्रम्प को लगा झटका..

प्रेसिडेंट ट्रम्प की इफ्तार पार्टी का अमेरिकन मुस्लिमो ने बहिस्कार करके मज़ा किरकरा कर दिया,इसके अलावा अमेरिकन मुस्लिम विरोध प्रदर्शन के लिए वाइट हाउस के बाहर इकट्टा हुए और वही अपना रोजा इफ्तार किया.

इफ्तार में शामिल हुए सऊदी प्रिंस
इफ्तार पार्टी में ट्रंप के साथ सऊदी अरब के शहजादे खालिद बिन सलमान और जॉर्डन के दूत दीना शरीक हुए. इसके अलावा इंडोनेशिया के राजदूत भी इस पार्टी में शामिल हुए. इफ्तार पार्टी के लिए संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, ट्यूनीशिया, कतर, बहरीन, मोरक्को, अल्जीरिया, लीबिया, कुवैत, जांबिया, इथियोपिया, इराक और बोस्निया समेत कई मुस्लिम देशों के दूतों को बुलाया गया था.

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